इस महाशिवरात्रि से लग रहा है पंचक! जानें कौन पंचक शुभ होते हैं और किन पंचक में कार्य शुरु करने से बचें

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    महाशिवरात्रि 2021: पंचक इस महाशिवरात्रि की तरह दिखता है!  जानिए कौन सा पंचक शुभ है और किस पंचक में काम शुरू करने से बचना चाहिए

    महाशिवरात्रि 2021 (फोटो साभार: फाइल इमेज)

    हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन माह की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि व्रत और शिव जी की पूजा की जाती है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन पंचक भी देखे जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस महापर्व पर हमें कौन से काम करने से बचना चाहिए। इस साल महा शिवरात्रि 11 मार्च को पड़ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन, चतुर्दशी 11 मार्च को दोपहर 02.41 बजे से लेकर 12 मार्च को दोपहर 03.03 मिनट तक रहेगी। ज्योतिषियों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर सुबह 09.24 बजे तक शिव योग रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग रहेगा, जो तब तक रहेगा 08 मार्च को प्रात: 08.29 बजे। शिव के मंत्रों का पाठ करके शिव की पूजा करना विशेष फलदायी है। इस दिन सुबह से ही पंचक लग गया है। पंचक काल में लकड़ी इकट्ठा करना, खाट खरीदना या बनाना, घर की छत बनाना और दक्षिण दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता है।

    ऐसा करने से बचें कि पंचक कब और किस समय लगेगा

    हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 मार्च को सुबह 09.21 से शुरू होकर 15 मार्च को पूरा दिन, पंचक अगले दिन सुबह 04.44 तक रहेगा। यह भी पढ़ें: महाशिवरात्रि 2021: महाशिवरात्रि के व्रत में इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस दिन क्या करें और क्या नहीं

    पंचक के प्रकार

    * रविवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘रोग पंचक’ कहा जाता है। इसके प्रभाव के कारण, अगले पांच दिनों के लिए शारीरिक दर्द परेशान हो सकता है। इस पंचक में आपको कोई भी शुभ और शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

    * सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘राज पंचक’ कहा जाता है। यह पंचक शुभ माना जाता है। इसके परिणामस्वरूप, सभी पाँच दिनों में सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। राज पंचक में संपत्ति से संबंधित काम करना शुभ माना जाता है।

    * मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘अग्नि पंचक’ कहा जाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट-कचहरी आदि के निर्णय उनके पक्ष में आजमाए जा सकते हैं। इस fireplace अग्नि पंचक ’में अग्नि का भय है। इस दौरान किसी भी तरह का निर्माण कार्य और मशीनरी संबंधी कार्य करना अशुभ माना जाता है। उन्हें नुकसान का ज्यादा खतरा हो सकता है।

    * बुधवार और गुरुवार से शुरू होने वाला पंचक शुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों का शुभ मुहूर्त देखकर शुभ कार्यों को करने की अधिक गुंजाइश होती है। इन दिनों शुभ मुहूर्त में सगाई, विवाह जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

    * शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘चोर पंचक’ कहा जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस पंचक में यात्रा नहीं करनी चाहिए, इस पंचक को धन के लेन-देन, व्यापार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान शुरू किए गए व्यावसायिक कार्य अशुभ परिणाम दे सकते हैं। ऐसे कामों में नुकसान की संभावना अधिक है।

    * शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘मूर्ति पंचक’ के नाम से जाना जाता है। उन्हें अशुभ माना जाता है। इन पांच दिनों के दौरान कोई जोखिम नहीं लिया जाना चाहिए। इसके प्रभाव के कारण विवाद, चोट आदि का खतरा होता है।

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